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छत्तीसगढ़दुर्ग

नगर पालिक निगम का फर्जी नियुक्ति पत्र मामले में स्पष्टिकरण

दुर्ग : नगर पालिक निगम, दुर्ग के संज्ञान में यह मामला आया है कि यशवंत यादव, सहायक ग्रेड-03 के नाम से एक कथित नियुक्ति पत्र सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों में प्रसारित किया जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा की गई प्रारंभिक जाँच में यह पाया गया है कि यह नियुक्ति पत्र पूर्णतः फर्जी, भ्रामक और अवैध है।

निगम ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, न ही उक्त व्यक्ति की किसी प्रकार की पदस्थापना नगर पालिक निगम, दुर्ग में की गई है। प्रस्तुत पत्र में शासन के आदेश क्रमांक, तिथि एवं शर्तों का जिस प्रकार उल्लेख किया गया है, वह शासन के अधिकृत प्रारूप से मेल नहीं खाता तथा दस्तावेज़ की सत्यता संशयास्पद पाई गई है।

  • निगम प्रशासन ने बताया कि फर्जी पत्र में
  • एक वर्ष में कंप्यूटर प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने,
  • दो वर्ष की परीक्षावधि,

स्वास्थ्य प्रमाणपत्र एवं थाना क्षेत्र से NOC प्रस्तुत करने,

जैसी शर्तों का उल्लेख किया गया है, परंतु ये सभी विवरण न तो विधिवत जारी किसी आदेश से संबंधित हैं और न ही निगम के अभिलेखों में उपलब्ध हैं।

नगर निगम, दुर्ग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करना, प्रसारित करना या इसका उपयोग करना कानूनी अपराध है। निगम प्रबंधन ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दस्तावेज़ की सत्यता जाँच हेतु संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेज दी है। आवश्यकता पड़ने पर इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

निगम ने नागरिकों, अभ्यर्थियों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी नियुक्ति, पदस्थापना अथवा स्थानांतरण आदेश की सत्यता की पुष्टि के लिए केवल निगम की आधिकारिक वेबसाइट, कार्यालय या संबंधित विभाग से ही जानकारी प्राप्त करें। किसी भी भ्रामक दस्तावेज़ पर विश्वास न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निगम को दें।

  • नगर निगम, दुर्ग ने यह भी कहा है कि निगम द्वारा जारी प्रत्येक आदेश पर
  • आधिकारिक लेटरहेड,
  • प्राधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर,
  • विभागीय मुहर,
  • जारीकर्ता शाखा का नाम,

तथा डायरी/डिस्पैच नंबर का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से होता है। फर्जी पत्र में यह आवश्यक औपचारिकताएँ अनुपस्थित पाई गई हैं।

निगम ने लोगों को सचेत करते हुए कहा है कि ऐसे फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को भ्रमित करने का प्रयास कठोर दंडनीय अपराध है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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